झीलें

  • सामान्य रूप से झील भूतल के वे विस्तृत गड़े होते हैं जिनमें जल भरा होता है। इस तरह झीलें स्थल के आंतरिक भाग में स्थित जलपूर्ण गर्त होती है।
  • ताल तथा झील में कोई निश्चित अंतर नहीं होता है क्योंकि यदि छोटी झीलें कुछ वर्ग मीटर तक ही होती है तो ताल कभी-कभी हजारों वर्गमीटर तक होते हैं।
  • साधारण तौर पर झील की निम्न परिभाषा प्रस्तुत कर सकते हैं; झील, जल के वे स्थिर भाग होते हैं जो चारों तरफ से स्थलखण्डों से घिरे होते हैं तथा स्थल भाग में स्थित होते हैं।

झीलों का वर्गीकरण –

उत्पत्ति के आधार पर

भू-संचलन से निर्मित झील

I. अभिनतीय झील (Synclinal Lake) उदाहरण – स्विट्जरलैण्ड का जेनेवा झील।

II. दरार घाटी झील – टैंगानिका, न्यासा, अल्बर्ट, मृतसागर एवं बैकाल आदि झीलें दरार घाटी में स्थित हैं।

III. नवस्थल झील (New Land Lake) जब अंतर्जात शक्तियों के प्रभाव से महाद्वीपीय मग्न तट, समुद्र तट से ऊपर उठ जाता है, तो उस पर बने गड्डों में जल भरे होने के कारण इस प्रकार की झील का निर्माण होता है। कैस्पियन सागर का निर्माण इसी प्रक्रिया के द्वारा हुआ है।

ज्वालामुखी क्रिया द्वारा निर्मित झील

  • I. लावा बाँध झील या कूला झील
  • ज्वालामुखी से निकलने वाला लावा जब नदी घाटी में फैलकर नदी के प्रवाह को रोक देता है और इस प्रकार से झील का निर्माण होता है।
  • इथियोपिया की टाना झील का निर्माण ब्लू नील के मार्ग में लावा अवरोध के फलस्वरूप हुआ है। अमेरिका की निकारागुआ झील का निर्माण भी इसी प्रकार हुआ है।
  • II. क्रेटर झील (Crater Lake)
  • संयुक्त राज्य अमेरिका की क्रेटर झील, बोलीविया की टिटिकाका झील, भारत की लूनार एवं पुष्कर झील क्रेटर झील के उदाहरण हैं।
  • III. लावा क्षेत्र की झील
  • ज्वालामुखी प्रदेश में लावा के असमतल फैलाव के फलस्वरूप अनेक झीलों का निर्माण होता है। भारत में दक्कन के पठार पर इस प्रकार की झीलें देखने को मिलती हैं।

हिमानीकृत झील (Glacial Lake)

  • I.हिमताल या टार्न (Tarn) झील :-  इसे कोरी झील या ग्लिण्ट (Glint) झील भी कहा जाता है। इसका निर्माण हिमानी अपरदन क्रिया का परिणाम है।
  • II. हिमसोपान या पेटरनॉस्टर झील (Paternoster Lake):-  हिमनद के अपरदन से जब पर्वतीय क्षेत्रों में सोपानों का निर्माण होता है तो उन सोपानों पर स्थित गड्डों में जल भर जाने पर इस झील का निर्माण होता है।
  • III. पीडमांट झील: – पर्वतों की तलहटी में हिमनद के अपरदन के फलस्वरूप इस झील का निर्माण होता है, जैसे – कॉन्सटेन्स एवं लूसर्न झीलें।
  • VI. हिमोढ़ झीलें (Moraine Lake) : – फिनलैंड में इस प्रकार की असंख्य झीलें पाई जाती है।

नदियों द्वारा निर्मित झील

  • I. प्रपाती झील (Fall Lake)

  • जल प्रपात के नीचे स्थित Plunge Pool के विस्तार के फलस्वरूप इस झील का निर्माण होता है; जैसे उत्तर प्रदेश की चचाई झील एवं संयुक्त राज्य अमेरिका की वॉशिंगटन झील।
  • II. गोखुर झील (Ox-bow-Lake)

  • इसे विसर्प या छाड़न झील भी कहा जाता है।
  • III. डेल्टाई झील (Delta Lake)

  • गोदावरी डेल्टा की कोल्लेरू झील, मिसिसिपी डेल्टा की पोंचास्ट्रियन झील, नील नदी की मायेह झील एवं नाइजर नदी की मेरीगाट झील डेल्टाई झील के उदाहरण हैं।

पवन द्वारा निर्मित झील

प्लाया या सैलीना झील (Playa or Salina Lake)

इसका निर्माण पवन के अपरदन द्वारा होता है। ये झीलें अस्थायी होती हैं।

भूमिगत जल द्वारा निर्मित झील

गर्त या खड्डु झील (Sinkx Lake)

भू-स्खलन से बनी झीलें

  • हिमालय क्षेत्र में गोहना झील का निर्माण इसी प्रकार हुआ था।
  • हिमालय के मालपा के निकट भू-स्खलन से दो विशाल झीलों का निर्माण हुआ।

एशिया

कैस्पियन सागर

  • यह विश्व की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।
  • इस झील में यूराल व वोल्गा नदियाँ आकर गिरती हैं।
  • यह झील 5 देशों के मध्य में स्थित है ईरान- तुर्कमेनिस्तान-कजाकिस्तान-रूस-अज़रबैजान ।
  • इस झील का कुल क्षेत्रफल, राजस्थान के क्षेत्रफल से भी अधिक है अर्थात् लगभग 3 लाख 71 हजार वर्ग किमी. है।

मृत सागर

  • यह झील एशिया महाद्वीप के इजरायल व जॉर्डन देशों के मध्य स्थित है।
  • यह विश्व की दूसरी सबसे खारी झील है, इस झील की लवणता 238 प्रति हजार ग्राम है।
  • मृत सागर ग्रेट रिफ्ट वैली का अंतिम बिन्दु है अतः यह अधिक गहरा है।
  • मृत सागर में लवणता या नमक अधिक होने के कारण इसके जल का घनत्व अधिक है इसलिए इसमें कोई भी व्यक्ति/वस्तु आसानी से डूब नहीं पाते हैं।
  • इस झील में जीवन का अस्तित्व नहीं पाया जाता है अतः इसे मृत सागर कहते हैं।

वॉन झील

  • यह एशिया महाद्वीप के टर्की/तुर्की (वर्तमान में तुर्कीये) में स्थित है।
  • यह विश्व की सबसे खारी झील है। इस झील की लवणता 330 प्रति हजार ग्राम है।

बैकाल झील

  • यह रूस में स्थित है।
  • विश्व की सबसे गहरी झील है।
  • यहीं से लीना व अंगारा नदियों का उद्गम होता है।
  • यह लगभग 2000 मीटर गहरी है।
  • इस झील का आकार अर्द्धचंद्राकार है।
  • यह झील विश्व धरोहर सूची में शामिल है।

अराल सागर झील

  • अमू दरिया और सिर दरिया नदियाँ इसी झील में गिरती हैं।
  • यह झील एशिया महाद्वीप के कजाकिस्तान व उज्बेकिस्तान के मध्य स्थित है।
  • मानवीय गतिविधियों के कारण अराल सागर तेज़ी से सूखता जा रहा है।
  • एक समय 68000 वर्ग किमी. के क्षेत्र में विस्तृत यह झील वर्तमान में अपने मूल क्षेत्रफल का लगभग 10 प्रतिशत ही शेष रह गई है।

टोबा झील

इण्डोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में स्थित यह झील विश्व की सबसे प्रमुख क्रेटर झील है।

बाल्कश झील

  • कजाकिस्तान में स्थित यह झील ताँबे के भण्डारों हेतु प्रसिद्ध है।
  • यह पूर्वी कजाकिस्तान में स्थित अर्द्धचन्द्राकार आकार में खारे पानी की झील है

अफ्रीका

विक्टोरिया झील

  • यह कैस्पियन सागर और सुपीरियर झील के बाद विश्व की तीसरी सबसे बड़ी झील है।
  • यह सुपीरियर झील के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।
  • यह अफ्रीका महाद्वीप की सबसे बड़ी झील है।
  • यह झील अफ्रीका महाद्वीप के तीन देशों के मध्य में स्थित है-
  • 1. तंजानिया 2. केन्या 3. युगाण्डा।
  • इस झील के मध्य से होकर भूमध्य रेखा गुजरती है।
  • इस झील से श्वेत नील नदी का उद्गम होता है।
  • विक्टोरिया झील महान घाटी (भ्रंश) का भाग नहीं है।

टाना झील

  • यह अफ्रीका महाद्वीप के इथियोपिया में स्थित है।
  • यह मीठे पानी की झील है तथा इस झील से नील नदी का उद्गम होता है।

वोल्टा झील

  • यह अफ्रीका महाद्वीप के घाना देश में स्थित विश्व की सर्वप्रमुख एवं सबसे बड़ी मानव निर्मित / कृत्रिम झील है।
  • इस झील का निर्माण वोल्टा नदी पर अखोसोम्बो बाँध का निर्माण करके किया गया है।

टंगानिका झील

  • यह अफ्रीका महाद्वीप में विक्टोरिया झील के बाद दूसरी सबसे बड़ी झील है।
  • यह रूस की बैकाल झील के बाद विश्व की दूसरी सबसे गहरी झील है।
  • यह अफ्रीका महाद्वीप की सबसे गहरी झील है।
  • यह झील चार देशों के मध्य स्थित है- तंजानिया, कांगो/जायरे, जांबिया व बरूंडी।
  • यह झील महान भ्रंश घाटी / ग्रेट रिफ्ट वैली का भाग है।

मलावी/न्यासा झील

यह झील अफ्रीका महाद्वीप के तंजानिया, मोजाम्बिक व मलावी देशों के मध्य में स्थित है। यह अफ्रीका महाद्वीप की दूसरी सबसे गहरी झील है।

कीवू झील

यह झील अफ्रीका महाद्वीप के कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य व खांडा देशों के मध्य में स्थित है।

यूरोप

लाडोगा झील

यह यूरोप महाद्वीप की सबसे बड़ी झील है। यह एक मीठे पानी/पीने योग्य जल की झील है।

यह झील यूरोपीय रूस के क्षेत्र में स्थित है। इस झील में स्विर नदी, वोलखोव नदी व वुओक्सी नदी आकर गिरती है।

ओनेगा झील

लाडोगा झील के बाद यह यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी झील है। यह एक मीठे पानी/पीने योग्य जल की झील है। यह यूरोपीय रूस के क्षेत्र में स्थित है।

वैनर्न झील

यह यूरोप महाद्वीप के स्वीडन देश की सबसे बड़ी झील है।

वैटर्न झील

यह यूरोप महाद्वीप के स्वीडन देश की दूसरी सबसे बड़ी झील है।

उत्तरी अमेरिका

ग्रेट लेक्स

  • यह विश्व में मीठे जल का सबसे बड़ा समूह है।
  • सेंट लॉरेंस नदी- ग्रेट लेक्स को आपस में जोड़ती है।
  • ग्रेट लेक्स यू.एस.ए. व कनाडा देशों के मध्य स्थित है।
  • ग्रेट लेक्स में आकार (क्षेत्रफल) के दृष्टिकोण से बड़े से छोटे क्रम में झीलें-
  • 1. सुपीरियर झील
  • 2. हारॉन झील
  • 3. मिशिगन झील
  • 4. ईरी झील
  • 5. ऑटेरिया झील

1. सुपीरियर झील

  • विश्व में मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है।
  • यह सुपीरियर उच्चभूमि पर अवस्थित है।
  • सुपीरियर उच्च भूमि के मेसाबी रेंज (अमेरिका) में लौह अयस्क का सर्वाधिक उत्पादन होता है।

2. ह्यूरॉन झील

  •  इसके समीप अवस्थित सडबरी कनाडा का एक महत्त्वपूर्ण खनन शहर है जो विश्व स्तर पर निकेल के उत्पादन हेतु प्रसिद्ध है।
  • सडबरी ताँबा एवं प्लेटिनम के भंडार की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।

3. मिशिगन झील

  • इसके तट पर संयुक्त राज्य अमेरिका के ‘गैरी’ ‘शिकागो’ एवं मिलवॉकी शहर अवस्थित हैं।
  • सुपीरियर लॉरेशियन उच्चभूमि के लौह अयस्क उत्पादक क्षेत्र एवं पेंसिलवेनिया के कोयला उत्पादक क्षेत्र के मध्य अवस्थित होने के कारण गैरी-शिकागो औद्योगिक प्रदेश में लौह-इस्पात उद्योग का सर्वाधिक विकास हुआ है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका का मांस प्रसंस्करण उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र शिकागो है।

4. ईरी झील

  • इसके तट पर अमेरिका का डेट्रॉयट शहर अवस्थित है जो विश्वस्तर पर ऑटोमोबाइल का महत्त्वपूर्ण केंद्र है।
  • वेल्लैंड नहर ईरी को ऑटेरियो झील से जोड़ती है।
  • वेल्लैंड नहर के समीप कनाडा-अमेरिका सीमा पर उत्तर अमेरिका का सबसे ऊँचा जलप्रपात ‘नियाग्रा जलप्रपात’ ‘नियाग्रा नदी पर अवस्थित है।

 

 

5. ऑटेरियो झील

  • इसके तट पर कनाडा के टोरंटो, हैमिल्टन एवं किंग्सटन शहर अवस्थित हैं।
  • टोरंटो, कनाडा के ऑटेरियो प्रांत की राजधानी होने के साथ कनाडा का सर्वाधिक जनसंख्या वाला शहर भी है।
  • हैमिल्टन, ईरी व ऑटेरियो झीलों के मध्य अवस्थित है

ग्रेट सॉल्ट झील

  • यह संयुक्त राज्य अमेरिका में उटाह प्रांत के उत्तर-पश्चिम भाग में स्थित विश्व की तीसरी सबसे खारी झील है।
  • इसकी लवणता 220 प्रति हजार ग्राम है।
  • इस झील से किसी नदी की निकासी नहीं होती है लेकिन इसमें जॉर्डन, बीयर व बिवर नदियाँ आकर गिरती है।

कनाडा की प्रमुख झीलें

1. ग्रेट बियर झील- इस झील के मध्य से आर्कटिक वृत्त गुजरता है।

2. ग्रेट स्लेव झील इस झील से मैकेंजी नदी का उद्गम होता है और यह नदी उत्तर दिशा में बहने के बाद आर्कटिक महासागर में जाकर गिर जाती है।

3. अथाबास्का झील यह ग्रेट स्लेव झील व रॅडियर झील के मध्य अवस्थित है।

4. रेडियर झील चर्चिल नदी का उद्गम इसी झील से होता है जो हडसन की खाड़ी में गिरती है।

5. विनिपेग झील इसके तट पर मनिटोबा प्रांत की राजधानी विनिपेग अवस्थित है।

ये पाँचों झीलें वर्ष के अधिकांश समय बर्फ से ढँकी रहती हैं।

दक्षिणी अमेरिका

टिटिकाका झील

  • यह दक्षिणी अमेरिका के बोलीविया व पेरु देशों के मध्य स्थित विश्व की सबसे ऊँची झील है।
  • यह झील एण्डीज पर्वत पर स्थित है।

मराकाइबो झील

  • यह दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप के वेनेजुएला देश में स्थित है।
  • यह झील पेट्रोलियम के भण्डारों हेतु प्रसिद्ध है।
  • यह झील कैरिबियाई सागर का आंतरिक भाग है।

ऑस्ट्रेलिया

आयर झील 

  • यह ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में स्थित है।
  • यह झील समुद्र तल से 15 मीटर नीचे है।
  • यह झील दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया प्रांत के उत्तरी भाग में स्थित है।
  • यह ऑस्ट्रेलिया देश की सबसे बड़ी झील है।
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