पर्वत
विश्व के विभिन्न भागों में पर्वतों का निर्माण कुछ विशेष युगों में हुआ है। इन्हें पर्वत निर्माणकारी युग कहा जाता है।
प्रमुख पर्वत निर्माणकारी युग :-
प्रीकैम्ब्रियन पर्वतीकरण (PRE-CAMBRIAN OROGENY) –
इनका निर्माण अति रूपांतरित चट्टानों द्वारा हुआ है एवं इनका इतना अधिक अनावृत्तीकरण हुआ है कि इनका पर्वतीय रूप समाप्त हो चुका है।
उत्तरी अमेरिका के लारेशियन पर्वत, एलगोमन पर्वत, किलार्नियन पर्वतः यूरोप में फेनो-स्कैंडिनेविया के पर्वत, स्कॉटलैंड का उत्तरी पश्चिमी उच्च भाग एवं एन्जेल्सी में प्री-कैम्ब्रियन पर्वत के लक्षण पाए जाते हैं।
कैलिडोनियन पर्वतीकरण
(CALEDONIAN OR MID PALEOZOIC OROGENY) –
स्कॉटलैंड के प्राचीन पर्वत कैलिडोनियन के नाम से इस युग के पर्वतों को कैलिडोनियन क्रम के पर्वत कहा गया।
सिलुरियन एवं डेवोनियन काल के पर्वतों को इस युग में रखा जाता है।
यूरोप में स्कॉटलैंड, आयरलैंड, स्कैंडिनेविया के पर्वत, दक्षिण अमेरिका के ब्राजीलाइड्स, भारत के अरावली, सतपुड़ा एवं महादेव इस युग के महत्त्वपूर्ण पर्वत हैं।
हर्सीनियन पर्वतीकरण (HERCYNIAN OR LATE PALEOZOIC OROGENY) –
हसींनियन पर्वत का नामकरण जर्मनी के हार्स पर्वत के नाम पर रखा गया।
इस युग का काल पर्मियन एवं पर्मोकार्बोनिफेरस माना जाता है।
उत्तरी अमेरिका में अप्लेशियन; यूरोप में फ्रांस के आरमोरिकन एवं सेंट्रल मैसिफ, जर्मनी के वॉस्जेज एवं ब्लैक फोरेस्ट, एशिया में अल्टाई, टिएनशान इत्यादि हर्सीनियन पर्वतीकरण के उदाहरण हैं।
अल्पाइन पर्वतीकरण (ALPINE OROGENY) –
- अल्पाइन पर्वत का नामकरण यूरोप के आल्प्स पर्वत के नाम पर रखा गया।
- इसके अंतर्गत टर्शियरी काल में निर्मित पर्वतों को रखा जाता है।
- ये विश्व के उच्चतम एवं नवीनतम मोड़दार पर्वत हैं।
रॉकी, एण्डीज, अल्पाइन पर्वत क्रम (मुख्यतः आल्प्स, कापेंथियन, पिरेनीज, बाल्कन, काकेशस, कैण्टेब्रियन, एपीनाइन, डिनारिक आल्प्स आदि), अफ्रीका का एटलस पर्वत, एशिया का हिमालय एवं पामीर गाँठ से निकलने वाले नवीन मोड़दार पर्वत (जाग्रोस, एल्बुर्ज, क्यूनलुन आदि), बर्मा का अराकानयोमा एवं पूर्वी एशिया के मोड़दार पर्वतों का निर्माण इसी युग में हुआ।
पर्वत के विभिन्न रूप :-
पर्वत कटक (MOUNTAIN RIDGE) –
लंबे, सँकरे एवं ऊँचे पर्वत को पर्वत कटक कहा जाता है।
पर्वत श्रेणी (MOUNTAIN RANGE) –
पर्वतों एवं पहाड़ियों के क्रम को पर्वत श्रेणी कहा जाता है, जिसमें कई कटक, शिखर एवं घाटियाँ सम्मिलित रहती हैं। ये एक ही काल में एवं एक ही प्रक्रिया द्वारा बने होते हैं तथा इनका फैलाव एक सीध में संकरी पट्टी में एक रेखा के रूप में होता है, जैसे-हिमालय पर्वत की तीन श्रेणियाँ।
पर्वत श्रृंखला –
जब विभिन्न युगों में निर्मित लंबे एवं सँकरे पर्वतों का विस्तार समानान्तर रूप में पाया जाता है, तो उसे पर्वत शृंखला या पर्वतमाला कहा जाता है, जैसे-अप्लेशियन पर्वतमाला।
पर्वत प्रणाली (MOUNTAIN SYSTEM) –
एक ही युग में निर्मित विभिन्न पर्वत श्रेणियों के समूह को पर्वत प्रणाली या पर्वत तंत्र कहा जाता है।
पर्वत वर्ग (MOUNTAIN GROUP) –
जब किसी प्रदेश की पर्वत कटक तथा पर्वत श्रेणियाँ पर्वतमाला की तरह विस्तृत तो होती हैं परंतु पर्वतमाला की तरह एक ही सीध में लंबी रेखा में विस्तृत न होकर असमान (UNSYSTEMATIC) रूप में फैली होती हैं, तो उन्हें पर्वत वर्ग या पर्वत समुदाय कहा जाता है।
पर्वत समूह (CORDILLERA) –
पर्वत वर्गों या पर्वत प्रणालियों का समूह पर्वत समूह कहलाता है। इसमें विभिन्न युगों में भिन्न-भिन्न प्रकार से निर्मित पर्वत श्रेणियाँ, पर्वत तंत्र तथा पर्वत शृंखलाएँ पाई जाती हैं। उदाहरण- उत्तरी अमेरिका का पश्चिमी कार्डिलेरा।
निर्माण विधि के अनुसार पर्वतों के प्रकार :-
1 .मोड़दार पर्वत (FOLD MOUNTAINS) –
- भू-सन्नति की परतदार चट्टानों में पार्श्विक सम्पीड़न बल (COMPRESSIVE FORCE) के द्वारा इनका निर्माण होता है। छिछले, लंबे एवं सॅकरे सागर को भू-सन्नति कहा जाता है।
- हिमालय, अराकान, सुलेमान, हिन्दुकुश, जाग्रोस, एल्बुर्ज, पौटिक, टोरस, काराकोरम, कुनलुन आदि एशिया के महत्त्वपूर्ण मोड़दार पर्वत हैं। इनमें हिमालय की ऊँचाई सर्वाधिक है एवं उसके बाद काराकोरम का स्थान आता है।
- काकेशस, बाल्कन, कारपेथियन, (आल्प्स, डिनारिक, एपीनाइन, पिरेनीज, कॅटाब्रियन आदि यूरोप के मोड़दार पर्वत हैं। इनमें सर्वाधिक ऊँचाई काकेशस की है एवं इसके पश्चात् आल्प्स का स्थान आता है।
- अफ्रीका में एटलस, उत्तरी अमेरिका में रॉकी एवं दक्षिणी अमेरिका में एंडीज महत्त्वपूर्ण मोड़दार पर्वत हैं। ऑस्ट्रेलिया का ग्रेट डिवाइडिंग रेंज काफी पुराना मोड़दार पर्वत है। एण्डीज की लंबाई विश्व में सबसे अधिक (लगभग 7,200 कि.मी.) है।
- मोड़दार पर्वतों का आकार चाप तुल्य होता है एवं इनकी चट्टानों में छिछले सागर में रहने वाले जीवों के जीवाश्म पाए जाते हैं।
- ये मुख्यतः परतदार चट्टानों से निर्मित हैं परंतु इन पर्वतों की लंबाई की दिशा में विशाल ग्रेनाइट अंतर्वेधन (MASSIVE GRANITE INTRUSION) पाया जाता है।
पर्वत निर्माण के सिद्धांत
1. कोबर का भू-सन्नति सिद्धांत (Geosyncline Theory)
- यह सिद्धांत संकुचन शक्ति पर आधारित है।
- कोबर के अनुसार भू-सन्नति के किनारे पर दृढ़ भू-खंड होते हैं, जिन्हें अग्रदेश (FORELAND) कहा जाता है।
- संकुचन से उत्पन्न क्षैतिज भू-संचलन के कारण दोनों अग्र प्रदेश एक-दूसरे की तरफ खिसकते हैं, जिसमें भू-सन्नति के मलवों पर मोड़ पड़ता है एवं पर्वतों की उत्पत्ति होती है।
- भू-सन्नति के दोनों किनारे पर दो पर्वत श्रेणियों का निर्माण होता है, जिन्हें कोबर ने रेण्डकटन (Randketten) नाम दिया है।
- कार्पेथियन एवं डिनारिक पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित हंगरी का मैदान, हिमालय एवं तिब्बत के बीच स्थित तिब्बत का पठार, उत्तरी अमेरिका में सियरा नेवादा एवं वासाच पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित नेवादा का बेसिन क्षेत्र, एटलस एवं पिरेनीज श्रेणियों के बीच भूमध्य सागर का भाग, पौंटिक एवं टोरस के बीच अनातोलिया का पठार, एल्बुर्ज एवं जाग्रोस के बीच ईरान का पठार आदि मध्य पिंड के उदाहरण हैं।
- संपीड़नात्मक शक्ति अधिक तीव्र होने पर दोनों अग्र प्रदेश एक-दूसरे के संपर्क में आ जाते हैं, फलस्वरूप मध्य पिंड बिल्कुल अनुपस्थित होता है। इस प्रकार की जटिल पर्वतमाला नार्बे (NARBE) कहलाती है।
2. तापीय संकुचन सिद्धांत (THERMAL CONTRACTION THEORY) – जेफरीज (JEFREYS)
3. खिसकते महाद्वीपों की परिकल्पना (THE HYPOTHESIS OF SLIDING CONTINENTS) – डेली (DALY)
4. संवहन तरंग सिद्धांत (CONVECTION CURRENT THEORY) – होम्स
5. रेडियो सक्रियता सिद्धांत (RADIOACTIVITY THEORY) एवं तापीय चक्र सिद्धांत (THEORY OF THERMAL
CYCLE) – जॉली (JOLY)
6. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (PLATE TECTONIC THEORY) – हेरी हेस, मैकेंजी, मॉर्गन
2. भ्रंशोत्थ पर्वत (BLOCK MOUNTAIN) –
- अवरोधी या ब्लॉक पर्वतों का निर्माण तनाव या खिंचाव की शक्तियों के द्वारा होता है।
- पृथ्वी के आंतरिक भागों में खिंचाव के कारण धरातलीय भागों में दरारें या भ्रंश पड़ जाती है। इसके कारण धरातल का कुछ भाग ऊपर उठ जाता है एवं कुछ भाग नीचे धँस जाता है।
- इस प्रकार दरारों के समीप ऊँचे उठे भाग को ब्लॉक पर्वत कहा जाता है।
- अतः अवरोधी पर्वतों का निर्माण दरार या भ्रंश के कारण होता है, इसलिए इसे भ्रंशोत्थ पर्वत भी कहा जाता है।
- ब्लॉक पर्वत का आकार मेज के समान होता है। इस ऊपर उठे भाग को ‘होर्स्ट’ भी कहा जाता है।
- भारत में नीलगिरि, जर्मनी में हार्ज पर्वत एवं ब्लैक फॉरेस्ट तथा फ्रांस में वॉस्जेज भ्रंशोल्थ पर्वतों के उदाहरण हैं।
- यू.एस.ए. के उटा में स्थित वासाच रेंज, पाकिस्तान का सॉल्ट रेंज ब्लॉक पर्वतों के अन्य उदाहरण हैं।
- कैलिफोर्निया का सियरा नेवादा विश्व का सर्वाधिक विस्तृत ब्लॉक पर्वत है।
3. ज्वालामुखी पर्वत (VOLCANIC MOUNTAIN) –
- इनका निर्माण ज्वालामुखी उद्गार के फलस्वरूप निकले पदार्थों के जमाव से होता है।
- विश्व का सबसे ऊँचा ज्वालामुखी पर्वत चिली का एकांकागुआ है। यह मृत ज्वालामुखी है।
- इक्वाडोर का कोटोपैक्सी विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी है।
- इक्वाडोर का चिम्बोरोजो, उत्तरी अमेरिका का पोपोकैटपेट्ल, अफ्रीका का किलिमंजारो एवं केन्या अन्य ऊँचे ज्वालामुखी पर्वत हैं।
- उत्तरी अमेरिका के कैस्केड श्रेणी में अनेक ज्वालामुखी पर्वत हैं।
- अनेक ज्वालामुखी पर्वतों का निर्माण समुद्री नितल पर भी हुआ है, जिनकी चोटियाँ द्वीप के रूप में समुद्र से बाहर दिखाई पड़ती हैं, जैसे-एल्यूशियन द्वीप समूह, हवाई द्वीप आदि।
| पर्वतों के नाम | वलित पर्वत | महाद्वीप |
|---|---|---|
| हिमालय पर्वत | एशिया | |
| एन्डीज | दक्षिण अमेरिका | |
| आल्प्स | मध्य यूरोप | |
| अप्लेशियन | उत्तरी अमेरिका | |
| रॉकी | उत्तरी अमेरिका | |
| नोन-शान | चीन (एशिया) | |
| यूराल | एशिया-यूरोप | |
| स्टेनबोआई | रूस (एशिया) | |
| तियेनशान | चीन (एशिया) | |
| एटलस | उत्तर-पश्चिम अफ्रीका | |
| ब्लॉक पर्वत | ||
| ब्लैक फॉरेस्ट | फ्रांस (यूरोप) | |
| विंध्य पर्वत | भारत (एशिया) | |
| सतपुड़ा पर्वत | भारत (एशिया) | |
| वास्जेस | फ्रांस (यूरोप) | |
| हार्ज़ | जर्मनी (यूरोप) | |
| सियरा नेवादा | U.S.A. (उत्तरी अमेरिका) | |
| साल्ट रेंज | पाकिस्तान (एशिया) | |
| रुवेन्ज़ोरी | यूगाण्डा (अफ्रीका) | |
| गुम्बदाकार पर्वत | ||
| हेनरी पर्वत | यूटाह, U.S.A. | |
| ब्लैक हिल्स | दक्षिणी डकोटा, U.S.A. | |
| एडिरॉण्डेक पर्वत | न्यूयार्क, संयुक्त राज्य अमेरिका | |
| ज्वालामुखी पर्वत | ||
| फ्यूजीयामा | जापान | |
| रेनियर | संयुक्त राज्य अमेरिका | |
| किलिमंजारो | तंज़ानिया | |
| मौनालोआ | हवाई द्वीप समूह | |
| पोपा पर्वत | म्याँमार | |
| शास्ता | संयुक्त राज्य अमेरिका | |
| विसुवियस | इटली | |
4. अवशिष्ट पर्वत (RELICT MOUNTAIN) –
- जब पठार, पर्वत या उच्च मैदान अपरदित होकर पर्वतों का रूप धारण कर लेते हैं, तो उन्हें अवशिष्ट पर्वत कहा जाता है।
- भारत में अरावली, सतपुड़ा, विंध्यन, पूर्वी घाट, पश्चिमी घाट, यूरोप में यूराल, स्कॉटलैंड की पहाड़ियाँ एवं पेनाइन श्रेणी, अमेरिका के मोनेडेनॉक आदि अवशिष्ट पर्वतों के उदाहरण हैं।
- भारत का पश्चिमी घाट वास्तविक पर्वत श्रेणी नहीं है। यह वास्तव में एक भ्रंश कगार है, जिसका पश्चिमी भाग पश्चिम की ओर विस्थापित हो गया है। इसे नदियों ने जगह-जगह पर काटकर कलसुबाई, सल्हर महाबलेश्वर जैसे शिखरों का निर्माण किया है।
5.गुम्बदाकार पर्वत –
- पृथ्वी के आंतरिक भाग में गर्म मैग्मा ऊपर की ओर आने का प्रयास करता है, जब यह मैग्मा बाहर न आ पाता है तो धरातलीय चट्टानों पर दबाव डालकर गुंबद के रूप में ऊपर उठ जाता है, इन्हें गुम्बदाकार पर्वत कहा जाता है।
- उदाहरण – उत्तरी अमेरिका के उटाह प्रांत में हेनरी पर्वत ।
6. मिश्रित पर्वत या जटिल पर्वत —
- जब किसी पर्वत में संरचना संबंधी अनेक जटिलताएँ पाई जाती है या जब कई संरचना एक दूसरे से मिलकर नया रूप ले लेती है तो उसे मिश्रित या जटिल पर्वत कहा जाता है।
- उदाहरण – यू.एस.ए. के येसेमाइट प्रदेश का सियरा पर्वत।
- यू.एस.ए. के न्यू हैम्पशायर का व्हाइट पर्वत ।
पर्वत निर्माण की अवस्थाएँ :-
भू-सन्नतियों को मोड़दार पर्वतों में परिवर्तित होने में काफी लंबा समय लगता है।
इस प्रक्रिया को तीन स्पष्ट अवस्थाओं में विभाजित किया जा सकता है-
(i) भू-सन्नति में निक्षेप की अवस्था (THE PERIOD OF LIGHO GENESIS) –भू-सन्नति की उत्पत्ति, तलछट का जमाव एवं तली का धँसाव इस अवस्था के प्रमुख लक्षण हैं।
(ii) पर्वत निर्माण की अवस्था (THE PERIOD OF OROGENESIS) –इस अवस्था में पार्श्विक दबाव के कारण तलछटों का वलन होता है एवं दबाव में कमी के पश्चात् पर्वतों का ऊर्ध्वाधर उत्थान होता है।
(iii) विकास की अवस्था (GLIPTOGENESIS) – इस अवस्था में लंबे समय तक पर्वतों का उत्थान काफी धीरे-धीरे होता रहता है एवं पर्वत समस्थितिक साम्यावस्था (ISOSTATIC EQUILIBRIUM) को प्राप्त करते हैं।
हॉल एवं डाना को भू-सन्नति की संकल्पना का जनक माना जाता है।
एशिया
हिमालय पर्वत :-
हिमालय पर्वत का निर्माण इण्डो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट व यूरेशियाई प्लेट की अभिसारी गति से हुआ है।
हिमालय पर्वत का विस्तार – भारत, नेपाल, भूटान व चीन में है।
हिमालय एक नवीन वलित पर्वत श्रेणी है।
हिमालय भूकंप व भूस्खलन की घटनाओं से प्रभावित रहता है।
हिमालय का विस्तार भारत के 8 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में है-
1. जम्मू-कश्मीर
2. लद्दाख
3. हिमाचल प्रदेश
4. उत्तराखंड
5. सिक्किम
6. पश्चिम बंगाल
7. असम
8. अरुणाचल प्रदेश
हिमालय टेथिस सागर के अवशेष के रूप में है।
1.
हिमालय में विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) है। यह पर्वत चोटी नेपाल देश में स्थित है, इसे नेपाल में ‘सागरमाथा’ के नाम से भी जाना जाता है।
2.
विश्व की दूसरी सर्वोच्च पर्वत चोटी गॉडविन ऑस्टिन (K2) है। यह काराकोरम पर्वत श्रेणी में स्थित है। इसकी ऊँचाई 8,611 मीटर है। यह पर्वत चोटी पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में स्थित है।
3.
विश्व की तीसरी सर्वोच्च पर्वत चोटी कंचनजंघा है। यह पर्वत चोटी भारत के सिक्किम राज्य में स्थित है। इसकी ऊँचाई 8,598 मीटर है।
4. भारत की सर्वोच्च पर्वत चोटी गॉडविन ऑस्टिन K2 (8,611 मी.) POK क्षेत्र में स्थित है।
5. भारत की दूसरी सर्वोच्च पर्वत चोटी कंचनजंघा है जो (8,598 मी.) सिक्किम राज्य में स्थित है।
6.
हिमालय पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत भारत की सर्वोच्च पर्वत चोटी कंचनजंघा (8,598 मी.) है।
7. विशुद्ध रूप से भारत में स्थित भारत की सर्वोच्च पर्वत चोटी कंचनजंघा (8,598 मी.) है।
8. हिमालय की सबसे पूर्वी पर्वत चोटी नामचा बरवा (7,756 मी. ऊँचाई) अरुणाचल प्रदेश व चीन की सीमा पर स्थित है।
9. हिमालय की सबसे पश्चिमी पर्वत चोटी नंगा पर्वत चोटी (8,126 मी. ऊँचाई) जम्मू कश्मीर क्षेत्र में स्थित है।
काराकोरम पर्वत :-
यह भारत व चीन देशों में फैला है।
काराकोरम पर्वत की सर्वोच्च पर्वत चोटी गॉडविन ऑस्टिन K2 है। इसकी ऊँचाई 8,611 मीटर है। यह पर्वत चोटी POK क्षेत्र में स्थित है। यह पर्वत चोटी विश्व की दूसरी सर्वोच्च पर्वत चोटी है।
अरावली पर्वत :-
यह विश्व की सबसे पुरानी पर्वतमाला है इसका निर्माण प्री-कैम्ब्रियन काल में हुआ।
इसका विस्तार भारत के गुजरात, राजस्थान, हरियाणा व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 692 किमी. की लंबाई में है।
इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी गुरु शिखर (1,722 मी. ऊँचाई) राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है।
अराकानयोमा पर्वत :-
अराकानयोमा एक नवीन वलित पर्वत है जो म्यांमार में स्थित है।
इण्डो- ऑस्ट्रल तथा बर्मा प्लेट के अभिसरण से इस पर्वत का निर्माण हुआ है।
पूर्वांचल तथा अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह को इसी पर्वत का भाग माना जाता है।
इस पर्वत की सबसे ऊँची चोटी विक्टोरिया है।
यहाँ बहुत अधिक जैव-विविधता पाई जाती है तथा इसे विश्व के 36 HOTSPOT (हॉट-स्पॉट) में सम्मिलित किया गया है।
एल्बुर्ज पर्वत :-
- यह ईरान देश के उत्तरी भाग में स्थित है।
- इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट देवमंद है। इसकी ऊँचाई 5,610 मीटर है। देवमंद, पर्वत चोटी के साथ-साथ एक मृत ज्वालामुखी भी है।
- यह पर्वत सूखे मेवों, बादाम, अखरोट व पिस्ता की खेती हेतु प्रसिद्ध है।
जाग्रोस पर्वत :-
- यह पर्वत ईरान देश के दक्षिणी भाग में स्थित है।
- इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट देना है। इस पर्वत चोटी की ऊँचाई 4,410 मीटर है।
- इस पर्वत पर सूखे मेवों (बादाम, अखरोट व पिस्ता) तथा फलों (अनार, आडू) इत्यादि की खेती की जाती है।
फ्यूजी पर्वत :-
- यह जापान की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
- यह एक सक्रिय ज्वालामुखी पर्वत है।
- यह पर्वत परि प्रशांत महासागरीय पेटी में स्थित है।
अरारत पर्वत :-
- अरारत पर्वत एक मृत ज्वालामुखी चोटी है जो तुर्की में स्थित सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
- एल्बुर्ज तथा जाग्रोस पर्वत श्रेणियाँ इस पर्वत में आकर मिलती हैं।
अफ्रीका
एटलस पर्वत
- यह नवीन वलित पर्वत का उदाहरण है। इसका निर्माण अफ्रीकन प्लेट व यूरेशिया प्लेट की अभिसारी गति से हुआ है।
- एटलस पर्वत हाई एटलस पर्वत, एंटी एटलस पर्वत, मध्य एटलस पर्वत, सहारा एटलस पर्वत श्रेणियों में विभाजित है।
- यह मोरक्को, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया में विस्तृत पर्वत श्रेणी है।
- एटलस पर्वत की सबसे ऊँची चोटी माउंट टुब्कल’ है, जो ग्रेट एटलस पर्वत श्रेणी का भाग है।
माउंट किलिमंजारो
- यह अफ्रीका की सर्वोच्च पर्वत चोटी है, इसकी ऊँचाई 5,895 मीटर है। यह तंजानिया व केन्या देश की सीमा पर स्थित है।
- यह एक मृत ज्वालामुखी पर्वत है।
- इसे माउंट किबो के नाम से भी जाना जाता है। इसकी ढाल पर छग्गा जनजाति द्वारा विश्व प्रसिद्ध कहवा की खेती की जाती है।
माउंट केन्या
यह केन्या उच्चभूमि की सर्वोच्च पर्वत चोटी है, जिसकी ऊँचाई 5,199 मी. है।
यह अफ्रीका की दूसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
यह पर्वत चोटी भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर स्थित है।
ड्रेकेन्सबर्ग पर्वत
- दक्षिणी अफ्रीका के पूर्वी तट पर दक्षिण अफ्रीका तथा लेसोथो में विस्तृत एक पर्वत श्रेणी है। जिसका सर्वोच्च शिखर थबाना नेत्याना 3,482 मीटर ऊँचा है।
माउंट कैमरून
अफ्रीका का एक सक्रिय ज्वालामुखी पर्वत, कैमरून के तटीय क्षेत्र में अवस्थित है।
लोमा पर्वत
- लोमा पर्वत सियरा लियोन तथा गिना में स्थित है।
- विनतुमानी इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी है।
- नाइजर नदी सिएरा लियोन में स्थित लोमा पर्वत से निकलकर दक्षिणी सहारा मरुस्थल में बहने के पश्चात् दक्षिण की ओर मुड़कर गिनी की खाड़ी में गिरती है।
माउंट रेवेन्जोरी
- यह पर्वत डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो तथा युगांडा में स्थित है।
- यह पर्वत अल्बर्ट झील के समीप स्थित है।
- इसे ‘MOUNTAINS OF THE MOON’ नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र विषुवत् रेखीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहाँ बहुत अधिक जैव विविधता पाई जाती है।
- यहाँ रेवेन्जोरी राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
उत्तरी अमेरिका
अप्लेशियन पर्वतमाला
- यह पर्वत संयुक्त राज्य अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य में फैला हुआ है।
- यह उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थित है यह अरावली पर्वतमाला के बाद विश्व का दूसरा प्राचीन पर्वत है।
- इसकी सबसे ऊँची पर्वत चोटी माउण्ट मिशेल है।
- यह कोयला तथा पेट्रोलियम भण्डार के लिए प्रसिद्ध है।
रॉकी पर्वत श्रृंखला
- रॉकी पर्वत श्रेणी पश्चिमी कार्डिलेरा की सबसे पूर्वी पर्वत श्रेणी है एवं आल्प्स तथा हिमालय के समकालीन है। यह उत्तरी अमेरिका का नवीनतम मोड़दार पर्वत है। यह विश्व की दूसरी सबसे लंबी पर्वतशृंखला है।
- यह पर्वत श्रृंखला उत्तरी अमेरिका महाद्वीप के पश्चिमी भाग में अलास्का (USA), कनाडा, USA देश की मुख्य भूमि, मैक्सिको में विस्तृत है।
- रॉकी पर्वत का निर्माण उत्तरी अमेरिकन प्लेट व प्रशांत महासागर प्लेट की अभिसारी गति से हुआ है।
- रॉकी पर्वत की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट मैक्किन्ले (नया नाम माउण्ट देनाली) अलास्का क्षेत्र में स्थित है, इसकी ऊँचाई 6,194 मीटर है।
- रॉकी पर्वत पर USA में रेडियर व शास्ता ज्वालामुखी स्थित है जो दोनों ही सुषुप्त ज्वालामुखी है।
- USA देश की मुख्य भूमि पर रॉकी पर्वत की प्रमुख चोटी माउंट व्हिटने है।
- रॉकी पर्वत का मैक्सिको देश में विस्तार पूर्वी सियरा व माद्रे व पश्चिमी सियरा माद्रे के रूप में है।
पश्चिमी कार्डिलेरा पर्वत श्रेणी
- . उत्तर अमेरिका के पश्चिमी भाग में पश्चिमी कार्डिलेरा का विकास हुआ है, इसे प्रशांत कार्डिलेरा भी कहते हैं।
- इसका विस्तार अलास्का से मैक्सिको प्रदेश तक एक रेखीय स्वरूप में है।
- यह मोड़दार पर्वत के रूप में विकसित कई समानांतर श्रेणियों में विभाजित है। उत्तरी अमेरिका की अधिकांश नदियाँ पश्चिमी कार्डिलेरा से ही निकलती हैं।
- इन समानांतर श्रेणियों में कास्केड श्रेणी, अलास्का श्रेणी, सियरा नेवादा श्रेणी व रॉकी श्रेणी प्रमुख है।
कास्केड श्रेणी
- कास्केड श्रेणी की सर्वोच्च चोटी माउंट रेनियर (4,392 मीटर) है।
बुक्स पर्वत माला
- अलास्का उत्तरी अमेरिका की उत्तरत्तम पर्वत श्रृंखला है।
मैकेन्जी कनाडा पर्वत श्रृंखला
कनाडा की सबसे लम्बी तथा सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है।
माउण्ट लोगन
- यह उत्तरी अमेरिका की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है। यह पर्वत शिखर . उत्तरी अमेरिका के कोस्टरेंज में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में अवस्थित है।
दक्षिणी अमेरिका
एण्डीज पर्वत
- यह दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के पश्चिमी भाग में स्थित विश्व की सबसे लंबी पर्वतशृंखला है, इसकी लंबाई 7,200 किमी. एवं चौड़ाई 200 किमी. है।
- इस पर्वत का निर्माण दक्षिणी अमेरिकन प्लेट व प्रशांत महासागरीय प्लेट की अभिसारी गति से हुआ है।
- एण्डीज पर्वत पर विश्व की सर्वाधिक ऊँचाई पर टिटिकाका झील पेरु व बोलीविया देशों के मध्य में अवस्थित है।
- एण्डीज पर्वत की सर्वोच्च पर्वत चोटी एकांकागुआ है। यह पर्वत चोटी अर्जेंटीना व चिली देशों की सीमा पर स्थित है। इसकी ऊँचाई 6,960 मीटर है।
- एण्डीज पर्वत का विस्तार वेनेजुएला, कोलंबिया, इक्वेडोर, पेरु, बोलीविया, चिली व अर्जेंटीना में है।
- एण्डीज पर्वत पर इक्वेडोर देश में भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी कोटोपैक्सी स्थित है।
- इक्वाडोर देश में एण्डीज पर्वत पर एक मृत ज्वालामुखी चिम्बोराजो स्थित है।
- एण्डीज पर्वत पर पेरु देश में पीचू-पीचू ज्वालामुखी स्थित है।
- एण्डीज पर्वत एक वलित/मोड़दार / FOLDED पर्वत है।
- एण्डीज पर स्थित बोलीविया देश की राजधानी लापाज विश्व की सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी है।
- एण्डीज पर्वत के अंतर्गत उस्पलाता दर्श चिली की राजधानी सेंटीयागो व अर्जेंटीना के मेंडोना नगर को जोड़ता है।
एकांकागुआ
यह दक्षिणी अमेरिका में पनामा से लेकर चिली तक विस्तृत एंडीज पर्वतमाला का सर्वोच्च शिखर है।
- यह चिली – अर्जेंटीना की सीमा पर अवस्थित है।
- इसकी ऊँचाई 6,959 मीटर है।
- यह एशिया के बाद विश्व की सबसे ऊँची चोटी है।
- एंडीज पर्वत श्रृंखला विश्व की सबसे लम्बी पर्वत श्रृंखला है।
कोटोपैक्सी
- यह पर्वत शिखर एंडीज पर्वतमाला में अवस्थित एक सक्रिय ज्वालामुखी शिखर है।
- यह दक्षिण अमेरिका के इक्वेडोर में अवस्थित है।
- यह विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी शिखर है।
- इसकी ऊँचाई 5,896 मीटर है।
चिम्बेराजो/चिम्बोराजो
- यह पर्वत शिखर दक्षिणी अमेरिका के इक्वाडोर में अवस्थित है।
- यह शिखर मृत ज्वालामुखी का उदाहरण है।
- इसकी ऊँचाई 6,310 मीटर है। यह एंडीज पर्वत श्रेणी का भाग है।
श्रेणियाँ :-
कार्डिलेरा डोमिका –
चिली के उत्तरी भाग में अटाकामा मरुस्थल के पूर्व मकर रेखा पर स्थित उत्तर से दक्षिण तक फैली एण्डीज पर्वत की एक श्रेणी है।
कार्डिलेरा रियल –
- एण्डीज की मध्यवर्ती मुख्य श्रेणी जो बोलीविया के आल्टीप्लानों के पूर्व स्थित है।
- कार्डिलेरा ओरिएंटल एण्डीज पर्वत की उत्तर- दक्षिण में फैली सबसे पूर्वी श्रेणी है।
कार्डिलेरा ऑक्सीडेटल –
दक्षिणी अमेरिका में उत्तर दक्षिण दिशा में फैली कार्डिलेरा की सबसे पश्चिमी श्रेणी है।
पकराइमा पर्वत –
वेनेजुएला, गुयाना तथा ब्राजील की सीमा पर स्थित पर्वत जिसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी रोराइमा है।
ब्राजीलियन पर्वत –
ब्राजील के पूर्व अटलांटिक महासागर तट के समानान्तर एक पर्वत श्रेणी जिसका सर्वोच्च बिन्दु पीको डा बन्दीरा है। (2,890 मीटर)
यूरोप
कॉकेशस पर्वत
- यह पर्वत यूरोप व एशिया के मध्य सीमा बनाता है।
- इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एल्ब्रुस (5642 मीटर) है।
- यह यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च पर्वतचोटी है।
- यह पर्वत चोटी यूरोपीय रूस में स्थित है।
जलोन पर्वत
- यह पर्वत नॉर्वे व स्वीडन देशों की सीमा पर स्थित है।
- यह स्कैंडिनेवियन देशों का प्रमुख पर्वत है।
- इस पर्वत की सर्वोच्च पर्वत चोटी केब्नेकआसे है जो नॉर्वे व स्वीडन की सीमा पर 2,097 मी. ऊँची है।
माउंट कक्कर पौंटिक पर्वत
यह पर्वत तुर्की/टर्की देश के उत्तरी भाग में स्थित है इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट कक्कर है।
टौरस पर्वत
यह पर्वत तुर्की/टर्की देश के दक्षिणी भाग में स्थित है इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी डेमिरकजिक (3,756 मी.) है।
आल्प्स पर्वत
- यह पर्वत फ्रांस व इटली के मध्य सीमा बनाता है।
- इसकी सर्वोच्च माउंट ब्लांक (4808 मीटर) है।
- यह फ्रांस देश में स्थित है।
- यह यूरोप महाद्वीप की दूसरी सर्वोच्च चोटी है।
- आल्प्स पर्वत का विस्तार स्विट्जरलैण्ड में भी है।
जूरा पर्वत
जूरा का शाब्दिक अर्थ घने जंगल होता है। अतः यह पर्वत घने जंगलों से युक्त है। स्विट्जरलैण्ड तथा फ्रांस की सीमा पर दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में फैली एक श्रेणी जिसकी सर्वोच्च चोटी क्रीट डी ला नीग 1,718 मीटर ऊँची है। इसका निर्माण जुरैसिक युग में हुआ।
वास्जेज पर्वत
यह पर्वत फ्रांस व जर्मनी के मध्य सीमा बनाता है।
इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी ग्रेण्ड बेलन है।
पेनाइन्स पर्वत
ग्रेट ब्रिटेन द्वीप पर उत्तर में स्कॉटलैण्ड की सीमा से दक्षिण में मध्य इंग्लैण्ड तक फैला एक प्राचीन पर्वत है।
इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी क्रॉसफेल है।
पिरैनीज पर्वत
स्पेन तथा फ्रांस की सीमा के सहारे स्थित एक पर्वत जो बिस्के की खाड़ी से लॉयन की खाड़ी तक फैला है। इसकी सर्वोच्च चोटी माउंट अनेतो है।
बाल्कन पर्वत
यह सर्बिया तथा बुल्गारिया में फैला है। इसका निर्माण टर्शियरी युग में हुआ। इसकी सर्वोच्च चोटी बोटर है।
ब्लैक फॉरेस्ट
पश्चिमी जर्मनी के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में स्थित है। यहाँ सघन वन, खनिज, स्प्रिंग तथा पर्यटक स्थल हैं।
यूराल पर्वत
रूस स्थित एक वलनदार पर्वत श्रेणी जो एशिया एवं यूरोप की सीमा बनाता है। इसका सर्वोच्च शिखर नरोदनाया (1,894 मी. ऊँचा) है। इसमें लोहे का भारी निक्षेप पाया जाता है।
हार्ज पर्वत
यूरोप महाद्वीप के मध्य जर्मनी में अवस्थित एक पर्वत श्रेणी है।
कैम्ब्रियन श्रेणी
इंग्लैण्ड के वेल्स में विस्तृत पर्वत श्रेणी जिसका सबसे ऊँचा शिखर स्नोडन है।
ऑस्ट्रेलिया
ग्रेट डिवाइडिंग रेंज
- यह विश्व की चौथी सबसे लंबी (वलित) पर्वतशृंखला है।
- यह ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट के समानान्तर फैली हुई है। कोशियुस्को ऑस्ट्रेलिया का सबसे ऊँचा शिखर (2,230 मीटर) है। यह पर्वत श्रृंखला विक्टोरिया, न्यूसाउथवेल्स और क्वींसलैण्ड राज्यों में फैली हुई है।
- इस पर्वत से मरे व डार्लिंग नदियों का उद्गम होता है और ये नदियाँ स्पेंसर की खाड़ी में जाकर गिरती है।
डार्लिंग पर्वत श्रृंखला
यह पश्चिम ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिम भाग में फैली हुई है।
हैमर्सले पर्वत श्रृंखला
पश्चिम ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पश्चिम भाग में स्थित है।
माउंट विल्हेम
यह पर्वत शिखर पापुआ न्यू गिनी द्वीप पर स्थित बिस्मार्क पर्वत श्रेणी का सर्वोच्च शिखर है। इसकी ऊँचाई 4,509 मीटर है। यह ओशेनिया का भी सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है।
माउंट ईशा
ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैण्ड प्रांत में अवस्थित यह पर्वत खनिज संसाधन से सम्पन्न है। इस पर्वत में जस्ता, सीसा तथा चाँदी के प्रचुर भण्डार हैं।
न्यूज़ीलैण्ड
दक्षिणी आल्प्स (SOUTHERN ALPS)
यह पर्वत श्रृंखला दक्षिणी द्वीप के पश्चिमी तट के सहारे-सहारे ओटेगो वेस्टलैण्ड और कैण्टरबरी राज्यों में फैली हुई है।
माउण्ट कुक (Mt. Cook) इस पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी है जो समुद्रतल से 3,465 मीटर ऊँची है। यह वेस्टलैण्ड और कैण्टरबरी राज्य के बीच में स्थित है।
माउंट कुक
न्यूज़ीलैण्ड के दक्षिणी द्वीप में अवस्थित यह पर्वत शिखर दक्षिणी आल्प्स पर्वत श्रेणी का सर्वोच्च शिखर है।
इसकी ऊँचाई 3,724 मीटर है। इसे माउंट औराकली भी कहा जाता है।
अंटार्कटिका
- अंटार्कटिका की क्वीन ऑफ मॉड श्रेणी इसे दो भागों में वर्गीकृत करती है।
- माउंट एरेबुस शिखर एक सक्रिय ज्वालामुखी शिखर है।
- अंटार्कटिका की सर्वोच्च चोटी विन्सन मैसिफ है, जो तटीय भागों में एल्सबर्थ पर्वत श्रेणी में स्थित है।
- यह उत्तरी ध्रुव के ठीक विपरीत दिशा में यानी पृथ्वी के सुदूर दक्षिणी छोर पर स्थित है।
| महाद्वीप | पर्वत चोटी | अवस्थिति |
|---|---|---|
| एशिया | माउंट एवरेस्ट | नेपाल |
| दक्षिण अमेरिका | एकांकागुआ | अर्जेंटीना |
| उत्तर अमेरिका | मैकिंले | अलास्का |
| अफ्रीका | किलिमंजारो | तंजानिया |
| यूरोप | एल्ब्रस | रूस |
| अंटार्कटिका | विन्सनमेसिफ | अंटार्कटिका |
| ऑस्ट्रेलिया | कोशियसुको | न्यू साउथ वेल्स |
| पर्वत | ऊँचाई | अवस्थिति |
|---|---|---|
| माउंट एवरेस्ट | 8848.86 मीटर | नेपाल-तिब्बत |
| के-2 | 8611 मीटर | भारत (पाक अधिकृत कश्मीर) |
| कंचनजंघा | 8598 मीटर | भारत-नेपाल |
| ल्होत्से | 8516 मीटर | नेपाल-तिब्बत |
| मकालू | 8481 मीटर | नेपाल-तिब्बत |
| चो ओयु | 8201 मीटर | नेपाल-तिब्बत |
| धौलागिरि | 8172 मीटर | नेपाल |
| मनासलु | 8156 मीटर | नेपाल |
| नंगा पर्वत | 8126 मीटर | भारत |
| अन्नपूर्णा | 8078 मीटर | नेपाल |
| गोसेइथान | 8014 मीटर | नेपाल |
