Ajit Pawar Plane Crash: Baramati Airstrip Par Hadsaa, 5 Dead | Live News

🛑 Ajit Pawar Plane Crash: बारामती में दर्दनाक विमान हादसा, डिप्टी CM अजित पवार समेत 5 की मौत Ajit Pawar death news
📰 Live Update | 28 जनवरी 2026 Ajit Pawar plane crash
महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाली एक भीषण विमान दुर्घटना में बुधवार सुबह राज्य के उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar का निधन हो गया।
मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
✈️ हादसा कैसे हुआ? (What Happened) Learjet 45XR crash India

- चार्टर्ड विमान ने सुबह लगभग 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी
- 8:45 बजे के करीब विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था
- लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से पहले ही असंतुलित हुआ
- विमान जमीन से टकराते ही कई विस्फोटों के साथ आग की लपटों में घिर गया
- आग इतनी भयानक थी कि किसी को बचाने का मौका नहीं मिला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान रनवे तक पहुंच ही नहीं पाया।
🌫️ प्रारंभिक कारण: कम दृश्यता (Low Visibility) Ajit Pawar plane crash

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि:
- बारामती एयरपोर्ट पर दृश्यता केवल 800 मीटर तक सीमित थी
- एयरपोर्ट पर उन्नत नेविगेशन सिस्टम और नाइट-लैंडिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है
- खराब दृश्यता में विमान ने दूसरी बार लैंड करने का प्रयास किया
- इसी दौरान दुर्घटना हुई
हालांकि, अंतिम कारण की पुष्टि DGCA की जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
🛩️ विमान की जानकारी (Ajit Pawar plane crash Aircraft Details)
- विमान: Learjet 45XR
- रजिस्ट्रेशन: VT-SSK
- ऑपरेटर: VSR Ventures Private Limited
- क्षमता: 8 यात्री
- उपयोग: चार्टर्ड / VIP यात्रा
विमान कंपनी के मालिक ने दावा किया है कि विमान तकनीकी रूप से सुरक्षित था।
👥 विमान में कौन-कौन सवार थे?
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं:
- Ajit Pawar – उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
- Sumit Kapur – निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO)
- Pinky Mali – अटेंडेंट
- पायलट (Pilot-in-Command)
- Shambhavi Pathak – फर्स्ट ऑफिसर
अधिकारियों के अनुसार, शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त थे और पहचान कपड़ों व निजी सामान से की गई।
👁️ प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?
एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया:
“विमान बहुत नीचे उड़ रहा था। अचानक ज़ोरदार धमाका हुआ। आग की लपटें उठने लगीं। शव इधर-उधर बिखरे पड़े थे। हम डर गए।”

🏛️ सरकार की प्रतिक्रिया
- महाराष्ट्र सरकार ने 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया
- आज राज्य में सार्वजनिक अवकाश
- मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने सभी कार्यक्रम रद्द किए
- केंद्र सरकार और सभी दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री Narendra Modi सहित राष्ट्रपति, गृह मंत्री और विपक्षी नेताओं ने इसे अपूरणीय क्षति बताया।
🗳️ अजित पवार: एक राजनीतिक यात्रा
- राजनीति की शुरुआत: 1982
- 6 बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री
- बारामती से लगातार 8 बार विधायक
- सहकारिता, सिंचाई और ग्रामीण विकास में अहम योगदान
- बारामती को “मॉडल कॉन्स्टिट्यूएंसी” बनाने का श्रेय
उनकी पहचान एक सख्त प्रशासक और जमीनी नेता के रूप में थी।
🔍 जांच और आगे की कार्रवाई
- Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने जांच शुरू की
- फ्लाइट डेटा, मौसम रिपोर्ट और ATC रिकॉर्ड की समीक्षा
- हादसे की विस्तृत रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद
अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी साजिश का कोई सबूत नहीं है।
🕊️ निष्कर्ष
बारामती में हुआ यह विमान हादसा न केवल एक राजनीतिक नेता की मृत्यु है, बल्कि महाराष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षति है।
जांच पूरी होने तक कई सवाल अनुत्तरित हैं, लेकिन इतना स्पष्ट है कि यह हादसा देश की राजनीति और विमानन सुरक्षा पर गहरी छाप छोड़ेगा।
Ajit Pawar Plane Crash: Deputy CM Dies in Baramati Accident
📌 विमान हादसों और छोटे एयरपोर्ट्स की सुरक्षा पर सवाल
बारामती में हुए इस विमान हादसे ने एक बार फिर छोटे और सीमित सुविधाओं वाले हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत में कई ऐसे एयरस्ट्रिप हैं, जहां VIP और चार्टर्ड उड़ानों का संचालन तो होता है, लेकिन उन्नत नेविगेशन सिस्टम, ILS (Instrument Landing System) और खराब मौसम में सुरक्षित लैंडिंग की सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम दृश्यता (Low Visibility) की स्थिति में ऐसे एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग उच्च जोखिम वाला निर्णय बन जाती है, खासकर तब जब मौसम तेजी से बदल रहा हो।
🌫️ खराब दृश्यता में लैंडिंग क्यों होती है खतरनाक?
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, जब दृश्यता 1,000 मीटर से कम हो जाती है, तो पायलट को रनवे का सटीक अनुमान लगाने में कठिनाई होती है।
यदि एयरपोर्ट पर:
- आधुनिक लैंडिंग गाइडेंस सिस्टम न हो
- रनवे लाइटिंग सीमित हो
- मौसम की जानकारी रियल-टाइम अपडेट में न मिले
तो मानव त्रुटि (Human Error) की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
बारामती एयरपोर्ट को मुख्य रूप से छोटे विमानों और सीमित परिचालन के लिए डिजाइन किया गया है, न कि लगातार VIP चार्टर्ड जेट्स के लिए।
🛩️ Learjet 45XR: तेज़ लेकिन संवेदनशील विमान
Learjet 45XR अपनी तेज़ गति और उच्च प्रदर्शन के लिए जाना जाता है, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि:
- यह विमान तेज़ एप्रोच स्पीड पर लैंड करता है
- छोटे रनवे और खराब दृश्यता में इसे संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है
- रनवे के पास हल्की भी गलत गणना गंभीर परिणाम ला सकती है
यही कारण है कि इस श्रेणी के विमानों के लिए मौसम और रनवे की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है।
👨✈️ अनुभवी पायलट होने के बावजूद हादसा क्यों?
इस हादसे में पायलट के पास हजारों घंटे की उड़ान का अनुभव था। इसके बावजूद दुर्घटना होना यह संकेत देता है कि:
- परिस्थितियां अचानक बेहद खराब हो गई थीं
- दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान मार्जिन ऑफ एरर बहुत कम रह गया था
- आग लगने के बाद विमान में बैठे लोगों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला
यह हादसा साबित करता है कि अनुभव भी कभी-कभी प्रकृति और तकनीकी सीमाओं के आगे असहाय हो जाता है।
🔍 DGCA जांच में किन बिंदुओं पर होगा फोकस?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
- लैंडिंग के समय मौसम की सटीक स्थिति
- एयर ट्रैफिक कंट्रोल और पायलट के बीच संवाद
- रनवे की लंबाई और सतह की स्थिति
- विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्ड
- क्या लैंडिंग को टालने का विकल्प मौजूद था
इन सभी तथ्यों के आधार पर ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
🏛️ राजनीतिक और प्रशासनिक असर
अजित पवार का आकस्मिक निधन सिर्फ एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ गया है।
वे:
- कई दशकों से राज्य की सत्ता संरचना का अहम हिस्सा थे
- बजट, सिंचाई और सहकारिता जैसे विभागों पर उनकी गहरी पकड़ थी
- निर्णय लेने की उनकी शैली उन्हें अलग पहचान देती थी
उनकी अनुपस्थिति से आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों और प्रशासनिक फैसलों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
🕊️ जनता में शोक और स्तब्धता
बारामती और आसपास के इलाकों में इस हादसे के बाद गहरा शोक देखने को मिला।
स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक नेता की मौत नहीं थी, बल्कि:
- एक जाना-पहचाना चेहरा
- दशकों से जुड़ा हुआ प्रतिनिधि
- और क्षेत्र की पहचान का प्रतीक
कई स्थानों पर स्वतः ही श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।
📌 भविष्य के लिए सबक
इस दुर्घटना ने कुछ अहम सवाल छोड़ दिए हैं:
- क्या VIP उड़ानों के लिए मौसम मानकों को और सख्त किया जाना चाहिए?
- क्या छोटे एयरपोर्ट्स पर चार्टर्ड जेट्स की लैंडिंग से पहले अतिरिक्त अनुमति प्रणाली होनी चाहिए?
- क्या पायलटों को अंतिम समय में लैंडिंग रद्द करने के लिए और अधिक स्वतंत्रता दी जानी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सवालों पर ठोस नीति नहीं बनी, तो ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।
📝 समापन
बारामती में हुआ यह विमान हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है —
तकनीक, अनुभव और निर्णयों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद कई तथ्य सामने आएंगे, लेकिन तब तक यह हादसा देश की राजनीति, विमानन सुरक्षा और जनमानस पर गहरी छाप छोड़ चुका है।
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