🟢 RPSC द्वितीय श्रेणी शिक्षक हिंदी पाठ्यक्रम 2026
(Senior Teacher Hindi Syllabus – Paper II)
राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर
माध्यमिक शिक्षा विभाग
विषय – हिंदी
Paper – II
🔵 Paper – II : हिंदी पाठ्यक्रम
🟠 खंड – प्रथम
(माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर)
🔹 वर्ण व्यवस्था
- स्वर एवं व्यंजन का वर्गीकरण
- कोश-क्रम
🔹 शब्द वर्गीकरण (स्रोत के आधार पर)
- तत्सम
- तद्भव
- विदेशी
🔹 शब्द वर्गीकरण (व्याकरण आधारित)
- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया एवं उनके भेद
- क्रिया विशेषण एवं उसके भेद
🔹 व्याकरणिक कोटियाँ
- लिंग
- वचन
- कारक
- काल
🔹 शब्द रचना
- संधि (स्वर एवं व्यंजन) एवं उनके भेद
- समास एवं उसके भेद
- उपसर्ग
- प्रत्यय एवं उनके भेद
🔹 शब्द ज्ञान
- पर्यायवाची शब्द
- विलोम शब्द
- अनेकार्थक शब्द
- समानार्थी भिन्नार्थक शब्द
- वाक्यांश के लिए एक शब्द
🔹 वाक्य रचना
- वाक्य के अंग
- वाक्य के भेद एवं उपभेद
🔹 शब्द शुद्धिकरण
🔹 वाक्य शुद्धिकरण
🔹 मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
- अर्थ एवं प्रयोग
🟠 खंड – द्वितीय
(स्नातक स्तर)
🔹 शब्द शक्तियाँ एवं काव्य गुण
- भेद एवं उदाहरण
🔹 काव्य दोष
- श्रुतिकटुता
- ग्राम्यता
- अप्रतीतता
- क्लिष्टता
- अक्रमता
- दुक्रमता
🔹 अलंकार
- श्लेष
- यमक
- उपमा
- रूपक
- उत्प्रेक्षा
- विभावना
- संदेह
- भ्रांतिमान
- विरोधाभास
- अतिशयोक्ति
- असंगति
- अपह्नति
🔹 छंद
- द्रुतविलंबित
- हरिगीतिका
- दोहा
- सोरठा
- कुंडलिया
- चौपाई
- छप्पय
- मन्दाक्रांता
- मनहरण कवित्त
- मत्तगयंद सवैया
🔹 रस
- रस का स्वरूप
- रस के अंग
- रस के भेद
🟠 हिंदी साहित्य का इतिहास (पूर्व-आधुनिक काल)
- नामकरण एवं काल विभाजन
- आदिकाल
- भक्तिकाल
- रीतिकाल
- काव्य धाराएँ
- प्रमुख प्रवृत्तियाँ
- रचनाएँ एवं रचनाकार
🟠 हिंदी साहित्य का इतिहास (आधुनिक काल)
🔹 पद्य
- भारतेन्दु युग
- द्विवेदी युग
- छायावाद
- छायावादोत्तर युग
- प्रमुख प्रवृत्तियाँ, रचनाएँ एवं रचनाकार
🔹 गद्य
- कहानी
- उपन्यास
- नाटक
- निबंध
- प्रमुख प्रवृत्तियाँ, रचनाएँ एवं रचनाकार
🟠 हिंदी भाषा
- हिंदी भाषा का उद्भव एवं विकास
- हिंदी एवं उसकी बोलियाँ
- राजस्थानी की प्रमुख बोलियाँ
- देवनागरी लिपि का मानक स्वरूप
🟠 निर्धारित पाठ्यक्रम (Prescribed Texts)
- कबीर ग्रंथावली – सं. श्यामसुंदर दास
- साखी – प्रारंभिक 5 अंग
- पद – प्रारंभिक 10 पद
- रामचरितमानस – तुलसीदास
- बालकांड
- भ्रमरगीतसार – सूरदास
- पद – प्रारंभिक 20 पद
- मीरा पदावली
- पद – प्रारंभिक 20 पद
- बिहारी रत्नाकर
- दोहे – प्रारंभिक 20 दोहे
- वीर सतसई – सूर्य मल्ल मीसण
- दोहे – प्रारंभिक 20 दोहे
- कुरुक्षेत्र – रामधारी सिंह दिनकर
- षष्ठ सर्ग
- कामायनी – जयशंकर प्रसाद
- श्रद्धा सर्ग
- चिंतामणि (भाग–1) – आचार्य रामचंद्र शुक्ल
- उत्साह
- श्रद्धा और भक्ति
- लोभ और प्रीति
- गोदान – प्रेमचंद
- कहानियाँ
- उसने कहा था – चंद्रधर शर्मा गुलेरी
- पूस की रात – प्रेमचंद
- यही सच है – मन्नू भंडारी
- आषाढ़ का एक दिन – मोहन राकेश
🟠 खंड – तृतीय
हिंदी शिक्षण एवं शिक्षण विधियाँ
🔹 भाषा कौशलों का विकास
- श्रवण
- उच्चारण
- वर्तनी
- पठन (सस्वर एवं मौन)
- अभिव्यक्ति (लिखित एवं मौखिक)
🔹 हिंदी की विभिन्न विधाओं का शिक्षण
- गद्य शिक्षण
- पद्य शिक्षण
- व्याकरण शिक्षण
- रचना शिक्षण
- नाटक शिक्षण
🔹 शिक्षण विधियाँ एवं पाठ योजना
- शिक्षण विधियाँ
- इकाई योजना
- दैनिक पाठ योजना
🔹 भाषा शिक्षण में मूल्यांकन
- निदानात्मक परीक्षण
- उपचारात्मक शिक्षण
- सतत एवं व्यापक मूल्यांकन
- पाठांतर्गत एवं पाठोपरांत मूल्यांकन
🔹 भाषा शिक्षण में सहायक सामग्री का उपयोग
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🟢 परीक्षा योजना (Senior Teacher Hindi – Paper II)
- प्रश्न पत्र अधिकतम 300 अंकों का होगा।
- परीक्षा की अवधि दो घंटे तीस मिनट होगी।
- कुल 150 वस्तुनिष्ठ प्रकार (MCQ) प्रश्न होंगे।
- नकारात्मक अंकन लागू होगा –
- प्रत्येक गलत उत्तर पर उस प्रश्न के निर्धारित अंकों का 1/3 अंक काटा जाएगा।
- प्रश्न पत्र में निम्न शामिल होगा:
- संबंधित विषय का माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर का ज्ञान
- संबंधित विषय का स्नातक स्तर का ज्ञान
- संबंधित विषय की शिक्षण विधियाँ
